MA
KABIR KI VANI
MAHAVIR KI DICHHA
BUDDH KI SHIKHA
MA
NANK KI DICHHA
MIRA KA PYAR
PANNADHYA KA TYAG
KABIR KI VANI
MAHAVIR KI DICHHA
BUDDH KI SHIKHA
MA
NANK KI DICHHA
MIRA KA PYAR
PANNADHYA KA TYAG
नई पीढ़ी के व्यंग्यकारों में श्री उमेश कुमार गुप्ता एक प्रखर व्यंग्यकार माने जाते हैं । उन्होने समाज में फैल रही विसंगतियों पर अपनी लेखनी से तीव्र प्रहार किये हैं । ‘‘ वेलेन्टाईनडे कानून’’ उनके ऐसे ही पैने व्यंग्यों का संग्रह है जिसे पढ़कर अपने संस्कारों और संस्कृति से च्युत, कर्तव्यभ्रष्ट दुराचारी,नारी शोषक, अंधविश्वासी, प्र्रपंचियों आदि के चेहरों से नकाब उतर जायेगें । संक्षेप मेें इतना ही कहना चाहूंगा कि इन व्यंग्यों को पढ़कर ही इनका स्वाद चखा जा सकता है ।